क्यों दुनिया भर के निवेशक और थाईलैंड में भी सोने पर बड़ा दांव लगा रहे हैं।

सोने की चमक हमेशा ध्यान खींचती है, खासकर जब हालात अनिश्चित हो जाते हैं। आजकल कई निवेशक, सिर्फ थाईलैंड ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में, सोने को सुरक्षित और भरोसेमंद संपत्ति मानकर खरीद रहे हैं। क्यों? क्योंकि सोना तेजी से बढ़ रहा है, और कई संकेत बताते हैं कि यह उछाल आगे भी जारी रह सकता है। आइए समझते हैं कि इस गोल्ड रश को क्या चला रहा है।

सोने में उछाल की बड़ी वजहें
वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की तलाश

जब शेयर बाजार हिलते हैं, मुद्राएं कमजोर पड़ती हैं या वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक तुरंत सुरक्षित संपत्तियों की तरफ भागते हैं। यही अभी हो रहा है।

भूराजनीतिक तनाव, धीमी वैश्विक वृद्धि और अनिश्चित आर्थिक माहौल सोने को और आकर्षक बनाते हैं। सोना एक तरह की सुरक्षा की चादर जैसा महसूस होता है।

मुद्रा में हलचल: कमजोर डॉलर से सोना और चमकता है

सोने की कीमत अमेरिकी डॉलर में तय होती है। इसलिए जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राओं में सोना सस्ता लगता है, जिससे मांग बढ़ती है।

थाईलैंड और भारत जैसे देशों में डॉलर की कमजोरी स्थानीय सोने की कीमतें और ऊपर धकेल देती है।

जब केंद्रीय बैंक भी सोना खरीद रहे हों

यह सिर्फ आम निवेशक ही नहीं कर रहे। कई देशों के केंद्रीय बैंक भी बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहे हैं, ताकि अपने विदेशी मुद्रा भंडार को विविध बना सकें और डॉलर पर निर्भरता कम कर सकें।

यह बड़ी संस्थागत खरीदारी सोने की मांग को मजबूत बनाती है और कीमतें ऊपर रखती है।

थाईलैंड में क्या हो रहा है: एक नजदीकी नजर
संकेतक इसका मतलब सोने की कीमत पर असर
इस साल लगभग 52% की सोने की कीमत में वृद्धि मजबूत निवेशक मांग तेज उछाल की संभावना
2025 के अंत तक लगभग 4,380 USD प्रति औंस का अनुमान कीमत में और बढ़ोतरी की उम्मीद नए निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
कई अर्थव्यवस्थाओं का डॉलर निर्भरता कम करना सोने की ओर झुकाव वैश्विक मांग में वृद्धि

थाईलैंड में निवेशक और व्यापारी इस बढ़त पर पैनी नजर रखे हुए हैं। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर वैश्विक अनिश्चितता जारी रही तो सोना और ऊंचाइयों को छू सकता है।

क्या सोना हमेशा सुरक्षित दांव है? जोखिम को समझें

सोना अनिश्चित समय में चमकता है, लेकिन इसमें जोखिम भी हैं। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा उछाल थोड़ा अधिक खिंच गया है, जिसका मतलब यह भी हो सकता है कि अचानक गिरावट आए।

सोना ब्याज या डिविडेंड नहीं देता। इसकी कीमत केवल मांग और बाजार भावना पर चलती है। इसलिए अगर लोग फिर से शेयरों या बॉन्ड्स पर भरोसा करने लगें तो सोना कमजोर पड़ सकता है।

क्या आपको भी सोना खरीदना चाहिए?

अगर आप इसे सुरक्षा के रूप में खरीदना चाहते हैं तो यह समझदारी हो सकती है। इसे बीमा की तरह समझें: उम्मीद होती है कि जरूरत न पड़े, लेकिन मुश्किल समय में काम आता है।

सोने को कुल निवेश का छोटा हिस्सा बनाना ठीक है, लेकिन सिर्फ इसलिए खरीदना कि इसकी कीमतें चढ़ रही हैं, हमेशा सही नहीं होता।

निष्कर्ष

अभी सोना काफी आकर्षक दिख रहा है। वैश्विक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, मुद्रा में उतार चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की चाह सोने को ऊपर ले जा रही है। थाईलैंड सहित कई देशों में निवेशक सोने पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। लेकिन हर निवेश की तरह इसमें भी जोखिम है। इसलिए इसे संतुलित योजना का हिस्सा बनाकर ही खरीदें।

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